मिर्जापुर जनपद में भू-आकृतियों का कृषि भूमि उपयोग एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभावः एक भौगोलिक अध्ययन
डॉ रजनीश कुमार 1* नाहिद खान2 साराशं मिर्जापुर जनपद उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित एक महत्वपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र है, जहाँ विविध प्रकार की भू-आकृतियाँ जैसे पठारी क्षेत्र, पहाड़ियाँ, घाटियाँ, नदी तटीय मैदान तथा जलोढ़ मैदान विद्यमान हैं। इन भू-आकृतियों का कृषि भूमि उपयोग, फसल प्रतिरूप, सिंचाई व्यवस्था तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। प्रस्तुत अध्ययन का मुख्य उद्देश्य मिर्जापुर जनपद की प्रमुख भू-आकृतियों का विश्लेषण करते हुए उनके कृषि भूमि उपयोग एवं ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभावों का भौगोलिक मूल्यांकन करना है। अध्ययन से ज्ञात हुआ कि मिर्जापुर के उत्तरी एवं नदी तटीय मैदानी क्षेत्रों में समतल भूमि, उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी तथा सिंचाई सुविधाओं की उपलब्धता के कारण कृषि भूमि उपयोग की तीव्रता अधिक है। इन क्षेत्रों में धान, गेहूँ, दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन अपेक्षाकृत अधिक होता है। मैदानी क्षेत्रों में कृषि आधारित आय के अवसर अधिक होने के कारण ग्रामीणों का जीवन स्तर अपेक्षाकृत बेहतर है, जबकि पठारी क्षेत्रों में कृषि की सीमाओं के कारण पशुपालन, वानिकी, पत्थर खनन तथा अन्य गैर-कृषि गतिविधियों पर निर्भरता अधिक देखी गई। जनपद के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसरों के कारण श्रमिकों का पलायन भी एक प्रमुख समस्या के रूप में सामने आया है। शब्द कुंजी: मिर्जापुर जनपद, भू-आकृतियाँ, कृषि भूमि उपयोग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, भूमि उपयोग प्रतिरूप, कृषि उत्पादकता, ग्रामीण विकास, भौगोलिक अध्ययन।
